बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित बरौनी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अब ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 1 से 2 तक जाने के लिए यात्रियों को 2 किलोमीटर तक पैदल चलना होगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी असुविधाजनक है।
बरौनी रेलवे स्टेशन बिहार में महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है। यह स्थानीय और दूरस्थ ट्रेनों के लिए महत्वपूर्ण जंक्शन है। बहुत सारे यात्री रोज़ इस स्टेशन का उपयोग करते हैं और अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने के लिए अपने ट्रेन से प्लेटफॉर्म बदलते हैं। पहले, यात्री बहुत आसानी से प्लेटफॉर्म 1 से 2 जा सकते थे, लेकिन अब इसके लिए यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
यह नई व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी असुविधाजनक है क्योंकि यात्रियों को अब अधिक समय और मेहनत करनी पड़ेगी। उन्हें अब प्लेटफॉर्म 1 से 2 जाने के लिए कम से कम 2 किलोमीटर तक पैदल चलना होगा। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से कठिन होगा जो बूढ़े, अस्थायी रूप से अवस्थित या बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं। इससे उनकी यात्रा का समय भी बढ़ जाएगा।
बरौनी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 1 से 2 जाने के लिए यात्रियों को अब विभिन्न विकल्प देखने की आवश्यकता होगी। वे या तो अपने बूट का उपयोग करके या फिर लंबी दूरी तय करके पैदल चल सकते हैं। यह अवस्था यात्रियों को असुविधाजनक और थकाऊ लगेगी।
बरौनी रेलवे स्टेशन प्रशासन को इस नई व्यवस्था को जल्द से जल्द संशोधित करने की जरूरत है। यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने के लिए आसानी से प्लेटफॉर्म बदलने की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। इससे यात्रियों को अधिक समय और मेहनत नहीं करनी पड़ेगी और उनकी यात्रा को भी आसानी होगी।
बरौनी रेलवे स्टेशन के प्रशासन को यह भी ध्यान देना चाहिए कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। यात्रियों को पैदल चलने के दौरान किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्हें सुरक्षित रखने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए।
सरकार और रेलवे प्रशासन को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। बरौनी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म 1 से 2 जाने के लिए यात्रियों को अधिक समय और मेहनत न करनी पड़े, इसके लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। यह यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा और उनकी यात्रा को भी आसान बनाएगा।
