नई दिल्ली, 2 जनवरी 2024: दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का प्रकोप लगातार जारी है। इस कारण वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। आईआईटी दिल्ली की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोहरे के कारण वायु में प्रदूषित कणों की मात्रा 30 प्रतिशत बढ़ गई है।
कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर में सड़क हादसों में भी इजाफा हुआ है। पिछले साल कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर में 15,000 लोगों की मौत हुई थी।
कोहरे के कारण प्रदूषण में वृद्धि
कोहरे के कारण वायु में प्रदूषित कणों की मात्रा बढ़ जाती है। इन कणों में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) जैसे हानिकारक तत्व होते हैं। ये तत्व लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।
कोहरे के कारण वायु में प्रदूषित कणों की मात्रा बढ़ने के कई कारण हैं। इनमें वाहनों से निकलने वाले धुएं, उद्योगों से निकलने वाले धुएं, निर्माण कार्यों से निकलने वाले धूल-मिट्टी और कृषि क्षेत्र से निकलने वाले धुएं शामिल हैं।
कोहरे के कारण सड़क हादसों में इजाफा
कोहरे के कारण सड़क हादसों में भी इजाफा होता है। कोहरे में दृश्यता कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को दिक्कत होती है। इसके कारण वाहन चालक ब्रेक लगाने में देरी कर देते हैं या गलत दिशा में मुड़ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर पैदल चलने वाले लोग और दोपहिया वाहन चालक शामिल होते हैं।
कोहरे से बचने के उपाय
कोहरे से बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- वाहन चलाते समय धुंधरोधी चश्मा पहनें।
- कम गति से चलें और ब्रेक को जल्दी लगाने के लिए तैयार रहें।
- यदि दृश्यता बहुत कम है, तो वाहन चलाना न करें।
- सड़क पर चलने वाले समय धुंधरोधी टोपी पहनें और अपने आसपास के वातावरण से अवगत रहें।
सरकार को भी कोहरे के कारण होने वाले प्रदूषण और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। इनमें शामिल हैं:
- वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े नियम बनाएं।
- उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाएं।
- निर्माण कार्यों से निकलने वाले धूल-मिट्टी को कम करने के लिए कदम उठाएं।
- कृषि क्षेत्र से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए कदम उठाएं।
