शंभू बॉर्डर पर जो भी किसान या का किसान आंदोलन में आए लोग उपसर्ग मचाने की फिराक में है या उपद्रव मचाएंगे, सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की सोच रही है

अंबाला सरकार ने सिंधु बॉर्डर पर मचाने वाले किसानों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनका वीजा और पासपोर्ट को रद्द करने का फैसला लिया है इसके बाद से देखना क्या होगा कि आप किस उपद्रव मचाने वाले किसान आगे क्या कदम उठाते हैं,
रिपोर्ट के मुताबिक:
रिपोर्ट के मुताबिक उपद्रव मचाने वाले किसानों के खिलाफ वीजा और पासवर्ड रद्द करने का फैसला सिंधु बॉर्डर कर रहे हैं किसानों के खिलाफ लिया गया है जो अंबाला सरकार के द्वारा लिया गया है इसमें पुलिस अपव मचा रहे किसानों की फोटो को पहचान कर उनको चिन्हित करके उनके ऊपर यह कार्यवाही करेगी
शंभू बॉर्डर पर कुछ किसान दिल्ली कूच के दौरान जोश में आकर पुलिस द्वारा रखे गए बैरिकेट्स तोड़ रहे थे और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। इसके बाद, अंबाला पुलिस ने इन किसानों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का निर्णय किया है। अंबाला पुलिस ने कई ऐसे किसानों की तस्वीरें मीडिया के साथ साझा की हैं, जो बॉर्डर पर उपद्रव करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कुछ लोगों का मानना यह है कि यह जितने भी किसान अपने आप को किशान बोलकर धरने पर बैठे हैं वह किशान = नहीं है वह केवल सरकार को गिराने के प्रयास में है क्योंकि उनके पास कनाडा तथा अन्य आतंकवादी संगठन से फंडिंग आता है, जिसकी वजह से यह इनके द्वारा धरना दिया जाँ रहा हैं. ऐसे ऐसे लोगो के द्वारा कहा जा रहा है,
हलाकि रिपोर्ट के मुताबिक इनका यह प्रदर्सन पिछली बार इतना किफ्यातई नहीं है क्युकी इस बार इस चीज की मांग किया जा रहा है जो पूरा नहीं हो सकता है, यही मुख्य वजह मन जा रहा है की किशानो की इस बात को सर्कार द्वारा दरखास्त करे दिया जा रहा है, हलाकि इस आन्दोलन में काफी खालिस्तानी संगठन भी जुड़े हुए है, और यह फंडिंग पे कार्य कर रहे है यह भी कहा जा रहा है, लोगो के द्वारा हलाकि अब सरकार के द्वारा भी एक्शन लिया जाने लगा, देखना होगा आगे क्या होता है
