पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संगठनात्मक चुनावों और 8 फरवरी के आम चुनावों के लिए क्रिकेट के बल्ले के अपने चुनाव चिन्ह को खारिज कर दिया।
पीटीआई के पूर्व नेता अकबर एस अहमद की अगुवाई में कई याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग में याचिका दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पीटीआई के संगठनात्मक चुनावों में अनियमितताएं हुईं थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव चिन्ह के लिए पीटीआई द्वारा चयनित प्रक्रिया पक्षपाती थी।
चुनाव आयोग ने पीटीआई के चुनाव चिन्ह को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी द्वारा चयनित प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं थी। आयोग ने यह भी कहा कि पीटीआई ने चुनाव चिन्ह के लिए किसी भी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया था।
पीटीआई के नेता इस फैसले से निराश हैं। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले को चुनौती देंगे।
पीटीआई के लिए यह एक बड़ा झटका है। बल्ला पार्टी का प्रतिष्ठित चुनाव चिन्ह है और इसे पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान माना जाता है। पीटीआई ने 2018 के आम चुनावों में बल्ले के चुनाव चिन्ह के साथ जीत हासिल की थी।
इस फैसले से पाकिस्तानी राजनीति में उथल-पुथल पैदा हो सकती है। इसने पीटीआई की अगली चुनावों में जीत की संभावनाओं को कम कर दिया है।
