दिल्ली : गृह मंत्रालय ने डिप फेक (Deepfake) के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए एक नया नियम बनाया है। यह नियम 22 जनवरी 2024 से लागू होगा। इस नियम के तहत डिप फेक वीडियो बनाने, शेयर करने या बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नया नियम क्या है?
नए नियम के तहत डिप फेक वीडियो बनाने, शेयर करने या बेचने वाले व्यक्ति को 5 साल तक की जेल या 10 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।
डिप फेक क्या है?
डिप फेक एक ऐसी तकनीक है जिसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति के चेहरे या आवाज को किसी दूसरे व्यक्ति के चेहरे या आवाज के साथ बदलने के लिए किया जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल अक्सर फर्जी वीडियो बनाने के लिए किया जाता है।
नया नियम क्यों बनाया गया है?
डिप फेक का इस्तेमाल अक्सर लोगों को बदनाम करने, फर्जी समाचार फैलाने और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है। इसलिए सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए यह नया नियम बनाया है।
नया नियम कैसे लागू होगा?
नए नियम को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय ने एक केंद्रीय एजेंसी का गठन किया है। यह एजेंसी डिप फेक वीडियो की पहचान करेगी और उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
गृह मंत्रालय का कहना है कि यह नया नियम डिप फेक के खिलाफ एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करेगा। इससे लोगों को डिप फेक वीडियो से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा।
