यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक मामले से संबंधित विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई है। केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, कंप्यूटर ऑपरेटर और अज्ञात के खिलाफ बृहस्पतिवार को ही प्राथमिकी दर्ज करा दी गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को केंद्र व्यवस्थापक राजेंद्र सिंह समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर विनय चौधरी व अन्य की तलाश जारी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र (यूपी) बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने बताया कि आगरा जिले के परीक्षा केंद्र श्री अतर सिंह इंटर कॉलेज रोझौली से बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट गणित और जीव विज्ञान का पेपर परीक्षा के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप में डाला गया था, हालांकि इसका परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। शुक्रवार को बोर्ड की बैठक में विद्यालय की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया। बताया कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह से पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बैठक में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विद्यालय प्रश्न पत्रों की गोपनीयता भंग करने का प्रयास करता है, तो उसकी मान्यता तत्काल समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा कोई अन्य व्यक्ति मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के संचार उपकरण का प्रयोग नहीं करेगा।
किसी केंद्र पर यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है, तो स्टेटिक मजिस्ट्रेट उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।
