आर्किटेक्ट बनने के लिए एक उम्मीदवार को NATA (National Aptitude Test in Architecture) या JEE (Joint Entrance Examination) पेपर-2 में सफलता प्राप्त करनी होती है। ये दोनों परीक्षाएं भारतीय आर्किटेक्चर काउंसिल (Council of Architecture) द्वारा मान्यता प्राप्त आर्किटेक्चर कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती हैं। हालांकि, NATA और JEE पेपर-2 में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं जो आपको जानने में मदद कर सकते हैं।
NATA (National Aptitude Test in Architecture)
NATA एक राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा है जो भारतीय आर्किटेक्चर काउंसिल द्वारा आयोजित की जाती है। यह परीक्षा आर्किटेक्चर के लिए एक प्रवेश परीक्षा है और आवेदकों की क्षमता और रचनात्मकता को मापती है। NATA परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाती है – पहला भाग एक ऑनलाइन परीक्षा होता है जिसमें आवेदकों की गणितीय क्षमता, सामान्य ज्ञान और भौतिकी क्षमता की जांच की जाती है। दूसरा भाग एक ऑफलाइन परीक्षा होता है जिसमें आवेदकों की रचनात्मकता, आर्टिस्टिक दक्षता और आर्किटेक्चर क्षेत्र में उनकी क्षमता की जांच की जाती है।
JEE पेपर-2 (Joint Entrance Examination)
JEE पेपर-2 भी आर्किटेक्चर के लिए एक प्रवेश परीक्षा है जो भारतीय आर्किटेक्चर काउंसिल द्वारा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा का उद्देश्य आवेदकों की गणितीय क्षमता, भौतिकी, रचनात्मकता और आर्किटेक्चर क्षेत्र में उनकी क्षमता की माप लेना है। JEE पेपर-2 में एक प्रश्नपत्र होता है और इसमें गणित, भौतिकी, रचनात्मकता और आर्किटेक्चर क्षेत्र में विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
अंतर
NATA और JEE पेपर-2 में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं:
- NATA परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आयोजित की जाती है, जबकि JEE पेपर-2 केवल ऑफलाइन आयोजित होती है।
- NATA परीक्षा में आवेदकों की रचनात्मकता और आर्किटेक्चर क्षेत्र में उनकी क्षमता की जांच की जाती है, जबकि JEE पेपर-2 में गणित, भौतिकी, रचनात्मकता और आर्किटेक्चर क्षेत्र में विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
- NATA परीक्षा में आवेदकों को संगणक द्वारा ऑनलाइन परीक्षा देनी होती है, जबकि JEE पेपर-2 में आवेदकों को ऑफलाइन परीक्षा देनी होती है।
- NATA परीक्षा केवल आर्किटेक्चर के लिए होती है, जबकि JEE पेपर-2 में आर्किटेक्चर के साथ-साथ इंजीनियरिंग के लिए भी प्रवेश दिया जा सकता है।
कौन सा है बेस्ट?
आपके लिए सबसे बेस्ट परीक्षा उस परीक्षा के आधार पर चुनना चाहिए जिसमें आपकी रुचि और क्षमता हो। यदि आपकी रचनात्मकता और आर्किटेक्चर क्षेत्र में अच्छी क्षमता है, तो NATA आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, यदि आपकी गणितीय क्षमता और भौतिकी में मजबूती है, तो JEE पेपर-2 आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। आपके पास दोनों परीक्षाओं के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए ताकि आप अपनी रुचि और क्षमता के आधार पर सही परीक्षा का चयन कर सकें।
इसलिए, NATA और JEE पेपर-2 में अंतर होता है और आपको अपनी रुचि और क्षमता के आधार पर बेस्ट परीक्षा का चयन करना चाहिए। आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी रुचि और क्षमता के आधार पर अपने करियर के लिए सही परीक्षा चुनें और उसमें सफलता प्राप्त करें।
